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विराम चिन्ह

विराम चिन्ह का अर्थ- Meaning of punctuation

विराम का अर्थ है, ठहराव या रुकना। जिस तरह हम काम करते है और फिर आगे बढ़ते है, वैसे ही लेखन में भी विराम की आवस्यकता होती है, अतः पाठक के मनो विज्ञानं को ध्यान में रखते हुए भाषा में विरामों का उपयोग आवश्यक है। श्री कामता प्रसाद गुरु जी ने विराम चिन्हों को अंग्रेजी से लिया हुआ मानते हैं। वे पूर्ण विराम को छोड़ शेष सभी विराम चिन्हों को अंग्रेजी से संबद्ध करते हैं। 

विराम चिन्ह के भेद-Viram chinhon ke bhed-

श्री कामता प्रसाद गुरु ने विराम चिन्हों को 20 बताए हैं जो इस प्रकार है। 

     क्रम

          नाम

       विराम चिह्न

     1

        अल्पविराम

          (,)

      2

       अर्द्धविराम

          (;)

      3

       पूर्ण विराम या विराम

          (।)

      4

      प्रश्नवाचक 

           (?)

       5

     आश्चर्य या विस्मय सूचक

            (!)

       6 

    निर्देशक चिन्ह / योजक चिन्ह /सामासिक चिन्ह

            (-)

      7

     कोष्ठक

    [ ],  {  },  ( )  

      8

     अवतरण/उद्धरण

     ("") (' ')

      9

      उप विराम

       (:)

    10

      विवरण चिन्ह 

      ( :- )

    11

       पुनरुक्ति सूचक चिन्ह

       ("  " )

    12

        लाघव चिन्ह

        (० )

     13

      पद्लोप चिन्ह 

       ( ... )

     14

     पाद चिन्ह

        ( - )

     15

      दीर्घ उच्चारण चिन्ह

         (ડ) 

     16

       पाद बिंदु

         (÷)

     17

   विस्मरण चिन्ह या त्रुटिपूरक चिन्ह / हंसपद 

        ( ^  )

     18

     टीका सूचक

       (*, +, +, 2)

    19

     तुल्यता सूचक

       ( = )

     20

      समाप्ति सूचक चिन्ह

        (-0-, —) 

 

विराम चिन्ह से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बातें-

1-विराम का अर्थ ठहराव है। 
2-श्री कामता प्रसाद गुरु के अनुसार विराम चिन्हों की संख्या 20 है। 
3- हंस विराम का दूसरा नाम त्रुटि विराम है। 
4-पूर्ण विराम का प्रयोग वाक्य के अंत में किया जाता है। 
5-उद्धरण चिन्ह का प्रयोग जब किसी कथन का ज्यों का त्यों लिखा जाए तब किया जाता है। 
6-निर्देशक चिन्ह का प्रयोग संकेत के लिए किया जाता है।