खिलजी वंश

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Khilji vansh ke Shashak

भारत में खिलजी वंश का संस्थापक जलालुद्दीन फिरोज खिलजी था। दिल्ली सल्तनत के राज सिंहासन पर आसीन होते समय उसकी आयु 70 वर्ष की थी। खिलजी वंश की स्थापना खिलजी क्रांति के नाम से प्रसिद्ध है। क्योंकि इसके द्वारा तुर्की अमीर वर्ग का सत्ता पर एकाधिकार और तुर्की लोगों की जातीय तानाशाही खत्म हो गई थी। 

खिलजी वंश के शासकों की सूची और उनका कार्यकाल-

जलालुद्दीन खिलजी (1290 ईस्वी-1296 ईस्वी)
अलाउद्दीन खिलजी (1296 ईस्वी-1316 ईस्वी)
शिहाबुद्दीन उमर (1316  ईस्वी)
कुतुबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी (1316 ईस्वी-1320  ईस्वी )
नासिरुद्दीन खुसरो शाह ( 15 अप्रैल-5 सितंबर 1320  ईस्वी )

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गुलाम वंश के शासन को समाप्त कर 13 जून 1290 ईसवी को जलालुद्दीन फिरोज खिलजी ने खिलजी वंश की स्थापना की थी। 

जलालुद्दीन की हत्या 1296 ईस्वी में उसके ही भतीजे एवं दामाद अलाउद्दीन खिलजी ने इलाहाबाद में कर दी थी। 

जलालुद्दीन खिलजी ने किलोखरी को अपना राजधानी बनाया था। 

22 अक्टूबर 1296 ईसवी में अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली सल्तनत का सुल्तान बना। 

अलाउद्दीन खिलजी के बचपन का नाम अली तथा गुरशास्प था। 

दिल्ली के शासकों में अलाउद्दीन खिलजी के पास सबसे विशाल स्थाई सेना थी। 

अलाउद्दीन खिलजी ने सेना को नगद वेतन देने की एवं स्थाई सेना की नियुक्ति की नीवं रखी थी। 

खिलजी वंश सामान्य ज्ञान

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अलाउद्दीन खिलजी ने ही घोड़ा दागने एवं सैनिको का हुलिया लिखने की प्रथा की शुरुआत की थी। 

जमैयत खाना मस्जिद, अलाई दरवाजा, सीरी का किला तथा हजार खंभा महल का निर्माण अलाउद्दीन खिलजी ने ही करवाया था। 

अलाउद्दीन खिलजी ने भू राजस्व की दर को बढ़ा कर उपज का 1/2 भाग कर दिया था।

इसने व्यापारियों में बेईमानी रोकने के लिए कम तौलने वाले व्यक्ति के शरीर से मांस काट लेने का आदेश दिया था। इसने अपने शासनकाल में मूल्य नियंत्रण प्रणाली को दृढ़ता से लागू किया था। 

अलाउद्दीन खिलजी ने खम्स यानि लूट का धन में सुल्तान का हिस्सा 1/4 भाग के स्थान पर 3/4 भाग कर दिया था। 

दक्षिण भारत की विजय के लिए अलाउद्दीन ने मलिक काफूर को भेजा। 

खिलजी वंश (Khilji Vansh) का संपूर्ण इतिहास और उससे संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

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अलाई दरवाजा को इस्लामी वास्तुकला का रत्न कहा जाता है। 

दैवी अधिकार के सिद्धांत को अलाउद्दीन खिलजी ने चलाया था। 

सिकंदर-ए सानी की उपाधि से स्वयं को अलाउद्दीन खिलजी ने भी विभुषित किया था। 

अलाउद्दीन खिलजी ने मलिक याकूब को दीवान ए रियासत नियुक्त किया था। 

अलाउद्दीन द्वारा नियुक्त परवाना नवीस नामक अधिकारी वस्तुओं की परमिट जारी करता था। 

अलाउद्दीन खिलजी की आर्थिक नीति की व्यापक जानकारी जियाउद्दीन बरनी के कृति तारीख ए फिरोजशाही से मिलती है। 

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अलाउद्दीन खिलजी द्वारा लगाए जाने वाले जो दो नवीन कर १-चढ़ाई कर जो  दुधारू पशुओं पर लगाया जाता था तथा दूसरा २-गढ़ी कर जो घरों एवं झोपड़ियों पर लगाया जाता था। 

अलाउद्दीन खिलजी की मृत्यु 5 जनवरी 1316 ईस्वी को हुई थी। 

अलाउद्दीन खिलजी के पश्चात कुतुबुद्दीन मुबारक खिलजी 1316 ईस्वी को दिल्ली के सिंहासन पर बैठा। 

 Important Information about Khilji Dynasty in Hindi

कुतुबुद्दीन मुबारक खिलजी को नग्न स्त्री पुरुष की संगत पसंद थी। 

मुबारक खिलजी कभी-कभी राज दरबार में स्त्रियों का वस्त्र पहन कर आ जाता था। 

बरनी के अनुसार मुबारक कभी-कभी नग्न होकर दरवारियों के बीच दौड़ा करता था। 

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मुबारक खां ने खलीफा की उपाधि धारण की थी। 

मुबारक के वजीर खुसरो खाँ  ने 15 अप्रैल 1320 ईसवी को इसकी हत्या कर दी और स्वयं दिल्ली के सिंहासन पर बैठा। 

खुसरो खाँ ने पैगंबर के सेना पति  की उपाधि धारण की थी। 

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GK In Hindi

विश्व में अभ्रक का प्रमुख उत्पादक देश है —भारत

चीनी यात्री ह्वेनसांग किसके शासन काल में भारत आया था -हर्षवर्धन के

 

राज्यसभा की पहली बैठक किस वर्ष सम्पन्न हुई थी —-1952 में

सीमांत गाँधी के नाम से किसे जाना जाता है—–खान अब्दुल गफ्फार खां को

 

‘रेड क्वायर’ कहाँ स्थित है —–मास्को में

शिवाजी के गुरु का नाम क्या था –– रामदास